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चाँद के करीब पहुंच कर छूटा मिशन

  1. बेंगलुरु. देश की महत्वाकांक्षी योजना chandrayaan-2 रात 1:53 पर चांद की सतह से उतरने के लिए पूरी तैयार था और लक्ष्य की ओर बढ़ रहा था किंतु चांद से 2 किलोमीटर पहले लेंडर विक्रम का इसरो से संपर्क टूट गया. इसरो में जमा वैज्ञानिकों की धड़कन थमी रही इस पल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी साक्षी बने. लेंडर विक्रम चांद पर नहीं उतर पाया तब इसरो के चेयरमैन डॉक्टर के सिवा ने इसकी जानकारी दी और उपलब्ध आंखों का अध्ययन करने की बात कही. इसरो के वैज्ञानिकों का यह एक कामयाब प्रयास था जो 95% सफल होने के बाद केवल 5% की दूरी पर पहुंचकर असफल हो गया. इस मुश्किल घड़ी में प्रधानमंत्री ने इसरो मिशन में लगे वैज्ञानिकों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि यह देश के लिए बड़ी सफलता है यह जरूरी नहीं कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए प्रयोग सफल ही हो कुछ प्रतिशत और सफल भी हो जाते हैं किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरा मिशन फेल हो गया उन्होंने कहा कि इतनी दूरी तक पहुंचकर और उस जगह जाने की कोशिश जहां आज तक दुनिया का कोई देश नहीं पहुंचा है वाह भारत के लिए और पूरे विश्व के लिए गर्व की बात है. Chandrayaan-2 आखरी समय तक सफलतापूर्वक कार्य करता रहा. पूरे दुनिया की निगाहें भारत के मिशन चंद्रयान 2 की सफलता पर टिकी हुई थी चंद्रयान मिशन 2 के तहत लेंडर विक्रम का तय समय के अनुसार मिशन का इसरो से देर रात करीब 1:53 पर संपर्क टूट गया जिससे जोड़ी आंकड़े मिलने बंद हो गए वैज्ञानिकों की टीम विक्रम लेंडर के डाटा के लिए लगातार काम कर रही है. लेंडर विक्रम अपने निश्चित रूट से हटकर थोड़ा नीचे आ गया जिसके बाद एक स्थान पर आकर रुक गया और इसरो से उसका संपर्क समाप्त हो गया. विक्रम लेंडर के चांद पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद लगभग 4 घंटे बाद प्रज्ञान उतरता जो अशोक चक्र स्तंभ छापते जाता और वहां से फोटोग्राफ्स 14 दिनों तक वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन की सामग्री जुटाता. भले ही लेंडर विक्रम चांद पर नहीं उतर पाया है किंतु चांद के कक्ष में स्थापित आर्बिटर पूरे 1 साल तक चांद की चक्कर लगाएगा और इसरो को पूरी जानकारी जुटा आएगा.
    सुबह प्रधानमंत्री पहुंचे इसरो वैज्ञानिकों को किया संबोधित
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर रात इसरो में रहे. पश्चात आज सुबह 8:00 बजे इसरो से उन्होंने देश को संबोधित किया और चंद्रयान मिशन 2 को सफल बताते हुए वैज्ञानिकों की बड़ी सराहना की . उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कौन है कड़ी मेहनत कर जो कर दिखाया है वह अपने आप में एक कीर्तिमान है उन्होंने भविष्य में इसे और बेहतर करने की अपील की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के चेयरमैन डॉक्टर के सिवान को गले लगा कर सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने एक एक वैज्ञानिकों से हाथ मिलाकर उनके कार्यों की भरपूर सराहना की.

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