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किसान सशक्तीकरण रथ का समापन

 

भिलाई नगर,प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं राजयोगा एजूकेशन एण्ड रीसर्च फाउण्डेशन के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा सम्पुर्ण छत्तीसगढ़ के गाँवों में 8 सितम्बर 2019 से 22 सितम्बर तक चलने वाले किसान सशक्तिकरण एवं नशामुक्ति अभियान भिलाई रथ का समापन समारोह सेक्टर-7 पीस ऑडिटोरियम में किया गया। जिसके अंतर्गत अभियान में शामिल सदस्यों का सम्मान किया। अभियान यात्रियों ने अपने अनुभवों को सुनाते हुए नशामुक्ती पर सुंदर प्रेरणादायी नाटक धर्मराज का दरबार प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात् भिलाई सेवाकेन्द्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा ने स्वराज्य अधिकारी का अर्थ बताते हुए कहा कि जो स्वंय पर राज्य करते है उन्हें कभी प्रकृति परेशान नही कर सकती है पर वर्तमान में सभी स्वंय को छोडकर दूसरों पर राज्य करना चाहते है इसलिए तनाव बढऩे के साथ प्रकृति के पाँचों तत्व हलचल मचा रहे है। आपने कहा कि सदैव नियमों से चलों चाहे प्रकृति के चाहे यातायात के तो हमें कभी निराशा नही होगी। हमारा जीवन अनमोल है। हमारे हर संकल्प, हर बोल और हर कर्म में निस्वार्थ सेवाभावना होने चाहिए। स्व अधिकारी बनने के लिए अपने कमजोरियों को समाप्त करना है। हमें आत्मिक शक्ति को बढाकर तन और मन से निरोगी रहना है। कर्मभोग के बजाय कर्मयोग वाला जीवन हो हमारा।
आपने युवा शब्द का आश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि जिसमें सदा खुशी,उमंग और उत्साह हो वह युवा है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमार पोषण ने युवा ये युवा सबसे आगे युवा गीत गाकर सभी में उमंग उत्साह का संचार कर दिया।
इस किसान सशक्तिकरण और नशामुक्ती रथ को ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा शिव ध्वज दिखाकर भिलाई क्षेत्रों में नशामुक्ति संदेश देने के लिए के लिए रवाना किया गया।
संध्या राजयोग भवन के किसान संगोष्ठी में नंदनी,अहिवारा,जामुल,पाटन,व भिलाई-दुर्ग के आसपास के क्षेत्रों से आये किसानों एवं कृ षि फर्म संचालकों के लिए महाराष्ट्र, राजस्थान,गोवा और मध्यप्रदेश से आये यौगिक खेती करने वाले किसानों ने अनुभव सुनाये। गुजरात से आये गिरीश ने बताया कि आज सभी रोज 5 मीलीग्राम युरिया खा रहे है। अंधाधुंध किटनाशको का प्रयोग उसमें भी लोभ लालच के कारण प्रतिबंधित किटनाशकों का प्रयोग कर हम धरती जहरीली बना रह है, धरती भी अनाज के रूप में वह जहर हमें वापस कर रही है। फलस्वरूप हम तेजी से बिमार होते जा रहे है।
गोवा से आयी किसान ब्रह्माकुमारी दर्शना ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि एस आर आई टेक्रीक और यौगिक खेती से मैने ज्यादा पौष्टीक अनाज उत्पादित किया है। क्योंकि आज सभी प्रेक्टिल चाहते है और राजयोग से प्रैक्टील योग द्वारा श्रेष्ठ संकल्पों से खेती करते है। यह प्रयोग धान के पौधों पर भी किया गया जिसमें उन्हे बोते समय संकल्प किया गया कि आप धरती की गोद में सुरक्षित हो तो वह इसे सुनकर जल्दी से बडे और अंकुरित होते है।
ज्ञात हो कि यह अभियान कृषि मंत्री छत्तीसगढ़ शासन रविन्द्र चौबे जी ने 22 सितम्बर को शांति सरोवर रायपुर में उदघाटन किया था।

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